नेटवर्क मार्केटिंग में असफल होने की क्या हैं असली वजह?

संपादक- ग्रामीण क्षमता न्यूज

नेटवर्क मार्केटिंग (Network Marketing/MLM) में ज्यादातर लोगों के असफल होने का मुख्य कारण इसे एक ‘रातों-रात अमीर बनने की स्कीम’ समझना, सही ट्रेनिंग का अभाव, अस्वीकृति (rejection) न झेल पाना और बिना ठोस योजना के काम करना है। यह कोई जादुई तरीका नहीं, बल्कि एक वास्तविक व्यवसाय है जिसमें धैर्य और मेहनत की आवश्यकता होती है।
नेटवर्क मार्केटिंग में लोगों के फेल होने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं,
:शॉर्टकट खोजना: बहुत से लोग बिना मेहनत किए कम समय में बहुत सारा पैसा कमाना चाहते हैं। जब उन्हें तुरंत परिणाम नहीं मिलते हैं, तो वे निराश होकर काम छोड़ देते हैं।
सीखना (Learning) से बचना: इसे एक सामान्य व्यवसाय की तरह सीखने की बजाय, लोग इसे हल्के में लेते हैं। बिना सही जानकारी और संचार कौशल (communication skills) के लोगों को प्लान समझाना असफलता का बड़ा कारण बनता है।
अस्वीकृति (Rejection) का डर: जब लोग संभावित ग्राहकों या रिश्तेदारों से मिलते हैं और वे उत्पाद खरीदने या जुड़ने से मना कर देते हैं, तो लोग हिम्मत हार जाते हैं।
धैर्य की कमी: नेटवर्क बनाने और टीम को स्थापित करने में समय लगता है। उचित समय और निरंतरता (consistency) दिए बिना बीच में ही काम छोड़ देना विफलता की ओर ले जाता है।
सिस्टम को न फॉलो करना: जो लोग अपने तरीके से काम करने की कोशिश करते हैं और अपनी कंपनी के आजमाए हुए सिस्टम को नहीं अपनाते हैं, उन्हें सफलता मिलने में बहुत मुश्किल होती है।
गंभीरता की कमी: चूंकि नेटवर्क मार्केटिंग को शुरू करने की लागत बहुत कम होती है, इसलिए लोग इसे पूरी गंभीरता से नहीं लेते हैं।
यदि आप इस व्यवसाय में सफल होना चाहते हैं, तो धैर्य रखना, लगातार सीखते रहना और सही कार्यप्रणाली का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण है।
लोग नेटवर्क मार्केटिंग (Network Marketing/MLM) को मुख्य रूप से अवास्तविक वादों, पिरामिड स्कीमों (Pyramid Schemes) के धोखे, आक्रामक मार्केटिंग और बहुत कम लोगों की सफलता के कारण गलत बोलते है।

नेटवर्क मार्केटिंग को लेकर लोगों में नकारात्मक धारणा बनने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
रातों-रात अमीर बनाने का लालच: कई कंपनियाँ और एजेंट लोगों से रातों-रात करोड़पति बनने के झूठे वादे करते हैं। जब लोग बिना मेहनत के अमीर बनने के चक्कर में अपने पैसे डूबा देते हैं, तो वे इस पूरे उद्योग को ही गलत मानने लगते है।

पिरामिड और पोंजी स्कीम का धोखा: असली नेटवर्क मार्केटिंग उत्पादों की बिक्री पर आधारित होती है। लेकिन बहुत से धोखेबाज लोग केवल नए लोगों को जोड़ने (Recruitment) और उनसे पैसा वसूलने वाली अवैध स्कीमें चलाते हैं। ऐसे मामलों को सामने देखने के बाद लोग इसे घोटाला समझने लगते हैं।
बेकार या महंगे उत्पाद: कई कंपनियों का मुख्य फोकस उत्पाद (Product) बेचने के बजाय केवल मेंबर बनाने पर होता है। ऐसे में वे या तो बेकार सामान बेचते हैं या बाज़ार से कई गुना ज़्यादा कीमत वसूलते हैं, जिससे ग्राहक ठगा हुआ महसूस करता हैं।
जबरन थोपने वाली मार्केटिंग (Spamming): इस काम से जुड़े कई लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को उत्पाद खरीदने या कंपनी में शामिल होने के लिए बहुत दबाव (Pressure) डालते हैं। इस आक्रामक रवैये के कारण लोगों के रिश्ते खराब होते हैं और वे नेटवर्क मार्केटिंग से नफरत करने लगते हैं।
सफलता का प्रतिशत बहुत कम होना: पिरामिडनुमा संरचना में केवल ऊपर के कुछ लोग ही बड़ा पैसा कमा पाते हैं, जबकि नीचे जुड़े 90% से अधिक लोगों को बहुत कम या कोई आमदनी नहीं होती। जब लोग इसमें विफल होकर बाहर निकलते हैं, तो वे इसे गलत बताते हैं।

निष्कर्ष:
नेटवर्क मार्केटिंग या डायरेक्ट सेलिंग अपने आप में एक वैध और सामान्य बिज़नेस मॉडल है।
समस्या तब आती है जब लोग इसे ‘बिना काम किए पैसे कमाने का शॉर्टकट’ समझ लेते हैं और गलत या अवैध कंपनियों का शिकार बन जाते है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

महाराष्ट्र में किसकी बनेगी सरकार? विधानसभा चुनाव 2024

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129