
गंगामुंडा और दलपत सागर सौंदर्यकरण और जीर्णोद्धार की बाट जोहते नगर के दो ऐतिहासिक तालाब!

गौतम मजूमदार, ब्यूरो चीफ छत्तीसगढ़
(छत्तीसगढ़):- जगदलपुर नगरनिगम में बीजेपी की सरकार को आए 2 वर्ष से भी अधिक का समय हो चुका है, लेकिन कामों की बात करे तो शहर में वैसे तो अभी कोई काम लोगों को नजर नहीं आता, बारिश का मौसम आ चुका है, निगम ने बरसात पूर्व जो तैयारी की उसका असर इस बार दिखाई दे रहा है। शहर में अभी तक कही से जलभराव जैसे कोई समस्या नजर नहीं आ रही है।
जगदलपुर नगर को जहां एक ओर चौराहों का शहर कहा जाता है वहीं इस शहर में कई ऐतिहासिक और पौराणिक तालाब भी है, निगम ने जिसके सौंदर्यकरण के लिए अपने बजट में पिछले वर्ष 15 करोड़ की राशि स्वीकृत कराई थी । लेकिन यथार्थ में कोई काम नहीं हुआ है। आज भी दलपत सागर और गंगा मुंडा तालाब गंदगी और अतिक्रमण का शिकार बना हुआ है, गंगा मुंडा के घाटों का रंग रौगन केवल उत्तर भारतीय लोगों के महापर्व छत पूजा के समय ही होता है। बाकी पूरे साल इनका सुध लेने वाला कोई नहीं होता, इस वर्ष शहर के तालाबों के समग्र विकाश एवं भव्य सौन्दर्य करण के लिए 500 लाख का प्रावधान है, 6 माह बीत गए अभी तक कोई कामों की शुरुवात नहीं हुई,
2 माह बारिश के बाद क्या इतनी बड़ी राशि का उपयोग तालाबों के विकाश और जीर्णोद्धार के लिए होपाएगा, इस 500 लाख रुपए को तालाबों के जलस्तर को बढ़ाने, मजबूत टों वाल निर्माण आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित एवं रोचक बोटिंग, लोगों के लिए मनोरंजन जोन, सुंदर वाकिंग ट्रैक, बैठने की उचित व्यवस्था,और हरित क्षेत्र के विस्तार के लिए किया जाना है । बारिश के बाद बचे 5 महीनों में सरोवर धरोहर योजना के तहत इन सब कार्यों के लिए इतने बड़ी धन राशि खर्च करना नगरनिगम के लिए अपने आप में एक बड़ी चुनौती होगी, अगर जनहित में ये सब काम करने में नगरनिगम सफल हो जाती है तो यह निश्चित ही अपने आप में यह एक उपलब्धि होगी।
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