
कांकेर छात्रावास में सर्पदंश से 3 आदिवासी बच्चों की मौत पर आक्रोश: अधिकारियों की बर्खास्तगी और ₹1-1 करोड़ मुआवजे की मांग

न्यूज रिपोर्टर- सपना सोनवानी, कवर्धा
प्रेस विज्ञप्ति
कबीरधाम (छत्तीसगढ़) — कांकेर जिले के तहसील धनौरा अंतर्गत ग्राम जाप तलाई स्थित शासकीय आवासीय छात्रावास में सर्पदंश (सांप काटने) की दुखद घटना में 3 मासूम आदिवासी बच्चों की मृत्यु और 3 बच्चों की गंभीर स्थिति पर छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद (शाखा कबीरधाम) ने गहरा दुख एवं तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है।
परिषद के जिलाध्यक्ष कामू बैगा के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति महोदय, माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति विकास मंत्री एवं राष्ट्रीय/राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के नाम कबीरधाम कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा गया। 
प्रमुख मांगें:
तत्काल बर्खास्तगी: घोर लापरवाही एवं संवेदनहीनता बरतने के कारण संबंधित जिले के सहायक आयुक्त (आदिम जाति विकास), नोडल अधिकारी एवं छात्रावास अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त किया जाए।
₹1-1 करोड़ मुआवजा: मृतक मासूम बच्चों के पीड़ित परिवारों को तत्काल ₹1-1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए और घायल बच्चों के निःशुल्क व समुचित इलाज की पूर्ण व्यवस्था की जाए।
उच्च स्तरीय जांच: संपूर्ण घटना और प्रशासनिक लापरवाही की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक संवेदनहीनता पर सवाल:
जिलाध्यक्ष कामू बैगा ने बताया कि घटना की वस्तुस्थिति जानने हेतु संबंधित ट्राइबल अधिकारियों को दूरभाष एवं व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, परंतु किसी भी अधिकारी ने फोन या संदेश का उत्तर नहीं दिया। यह अधिकारियों की घोर गैर-जिम्मेदारी और आदिवासी समाज के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।
चेतावनी:
परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा पीड़ितों को शीघ्र न्याय नहीं दिलाया गया और दोषियों पर कठोर दंडात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो सर्व आदिवासी समाज उग्र विरोध प्रदर्शन हेतु बाध्य होगा।
जारीकर्ता:
छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, शाखा – कबीरधाम
(कामू बैगा, जिलाध्यक्ष)
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