
मातोश्री पाणंद रस्ते मे शासन निर्णय के विरुद्ध रॉयल्टी कटोती : जवाबदार कौन? आमदार विनोद अग्रवाल के घर के सामने करेंगे भुखहडताल: आर. जी. गजभिये

गोंदिया जिला प्रतिनिधि, ग्रामीण क्षमता न्यूज
प्रेस नोट
गोंदिया (21 सितंबर) :- किसानो को खेत मे मजदूर नही मिलने के कारण किसान यंत्रो के द्वारा खेती करता है. लेकीन किसान को ट्रॅक्टर, धान कटाई कि मशीन या अन्य यंत्रो द्वारा खेत मे जाने के लीये रास्ते नही होणे के कारण मुसीबतो सामना करना पडता है. ईसी समस्या को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने दिनांक २७ फेब्रुवारी, २०१८ से लेकर दिनांक ३० मार्च २०२१ तक अनेक शासन निर्णय निकाले, तो भी किसान के खेत मे जाने वाले रास्तो के बारे मे अनेक समस्या निर्माण होती थी. रास्तो कि योजना चलाते समय शासन को अनेको तांत्रिक समस्याओंका सामना करना पडता था.
इसलीये महाराष्ट्र शासन ने मै समृद्ध तो गाँव
समृद्ध एंव गांव समृद्ध तो मेरा महाराष्ट्र समृद्ध इस संकल्पना को मद्देनजर रखते हुये दिनांक ११ –११ – २०२१ को रोहयो विभाग ने एक नया शासन निर्णय निकाला और ६ जीआर अधिक्रमित कर मातोश्री ग्रामसमृद्धि खेत/पाणंद रास्ता योजना नाम रखकर योजना को नई दिशा दि. इस शासन निर्णय मे मुद्दा क्रमांक १५ (१) मे साफ स्पष्ट कर दिया है कि, खेत/पाणंद रास्ता योजना के लिये गौण खनिज शुल्क मे छूट दि जा रही है. उसी तरह मुद्दा क्रमांक २२ (६) मे स्पष्ट किया गया है कि, खेतरास्ता / पाणंद रास्ता बांधकाम के उपयोग मे आनेवाला कोई भी गौण खनिज के उपर कोई भी शुल्क वसूल ना किया जाए. मातोश्री खेत/पाणंद रास्ते के काम ग्रामपंचायत के मार्फत किये जाते है. काम पुरा होणे के बाद प्रशासन मे बैठे अधिकारी चार से पाच लाख रुपये गौण खनिज कि कटोती करते है. इस काम मे अधिकारी से लेकर चपराशी को प्रसेंटेज देना होता है. जिससे ग्रामपंचायत को भारी नुकसान उठाना पडता है.
ऐसे शासन के अनेको जीआर आम लोगो के उद्धार के लिये प्रसिद्ध है. मगर ऊन जीआरो को अधिकारीयो ने अमल में नही लाने के कारण आज कोई भी योजना आम आदमी तक पहूची नही. कलेक्टर, सीईओ, आमदार, खासदार, जि. प. अध्यक्ष, पं.स. सभापती सिर्फ जनता ने नाम के लिये बैठाई कि काम के लिये. ईसी कारण से महाराष्ट्र शासन कि जनता शासन कि धुलाई कर रही है. इन्ही मुद्दो को लेकर आर. जी. गजभिये आमदार विनोद अग्रवाल के घर के सामने भुख हलताल करने जा रहे है।
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें










