
बालाघाट:- लांजी क्षेत्र के बाद परसवाड़ा क्षेत्र की शर्मसार करने वाली दूसरी तस्वीर! ग्रा.पं.सिताडोंगरी के मदनपुर ग्राम से खांट पर प्रसूति के लिए ले जाते हुये सामने आयी तस्वीर।

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में खासकर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में यदि आप जाएं तो आप महसूस करेंगे भारत के इंसानो का जीवन कितना कठिन है। रोड़, पुलिया, आवास, बिजली,पानी व अन्य मूलभूत आवश्यकताओं से यहां के नागरिक हमेशा से आज तक वंचित रहे हैं। इनका केवल वोट मतदान करने के दिन वनांचल की जनता का महत्व माना जाता है, फिर पांच वर्ष के लिए इन्हें इनकी मर्जी से जीने के लिए छोड़ दिया जाता है। 
यह तस्वीर है मदनपुर ग्राम की! इस क्षेत्र में वर्तमान विधायक श्री मधु भगत जी है, इनके पूर्व भाजपा के विधायक श्री नानो कावरे जी मंत्री रहे है। बाकी मौसम में जंगलों में रहने वाले लोगों के दिन जैसे तैसे कट जाते है किंतु बारिश के मौसम में नदी व नालों में बाढ़ आ जाने से इनका सफर तय कर पाना मुश्किल हो जाता है। शिक्षा की बात करे तो सरकार का इस क्षेत्र पर कतई ध्यान नही रहा है। 50 साल पूर्व महिलाओं को प्रसूति के लिये किसी हाकिम के पास इसी तरह से खाट पर ले कर जाते हुए आपने सुना होगा। छात्र छात्राएं पाठशाला जाए और बाढ़ का लेवल बढ़ जाने पर देर रात तक जंगल मे नाले के किनारे खड़े रहकर घंटो तक खड़े रहना आम बात है। नालों पर पुल बन जाये तो इनका जीवन कुछ हद तक सरल हो सकता है, जिससे आवागमन की समस्या का समाधान होगा।
यह सभी जानकारी क्षेत्रीय नेताओं को है जब चुनाव आता है तो सभी गांव का दौरा करने के साथ वोट लेने के लिए ढेरों वादे करके निकल जाते है, फिर वही पांच वर्ष बाद विकास के नाम पर उसी वादें को दोहराया जाना स्वाभाविक बात है।
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