
मूर्ति ढहने की घटना के बाद से महाराष्ट्र में राजनीतिक हंगामा मचा हुआ है। इस मामले में अब तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं उप मुख्यमंत्री अजीत पवार भी सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं

सिंधदुर्ग (महाराष्ट्र):- समुद्र तटीय खुबसूरत शहर राजकोट किले के 10 फीट ऊंचे मंच पर स्थापित 28 फीट ऊंची 3600 करोड़ के लागत से बनी छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा खराब मौसम के कारण गिर गई थी। मूर्ति ढहने की घटना के बाद से महाराष्ट्र में राजनीतिक हंगामा मचा हुआ है। इस मामले में अब तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं उप मुख्यमंत्री अजीत पवार भी सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं।
जीएडी द्वारा सोमवार देर रात जारी किए गए स्थानांतरण आदेश के अनुसार, दोनों अधिकारियों तावड़े और पाटिल को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर अपने नए पदभार संभालने का निर्देश दिया गया है। 
महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग मे मूर्ति ढहने के बाद पहली बड़ी कार्रवाई वहां के जिलाधिकारी पर हुई है। सिंधुदुर्ग के जिलाधिकारी किशोर एस तावड़े का अचानक ट्रांसफर व डिमोशन कर दिया गया है और उन्हें गैर-आईएएस जूनियर प्रशासनिक स्तर की श्रेणी की जिम्मेदारी दे दी गई है। उनके स्थान पर हाफकिन बायो-फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनिल ए. पाटिल को सिंधुदुर्ग का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
प्रतिमा ढहने के मामले में मूर्तिकार जयदीप आप्टे के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। आप्टे को ही मूर्ति बनाने का अनुबंध मिला था। इस मामले में आप्टे और उनके सहयोगी चेतन पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। चेतन पाटिल की गिरफ्तारी हो चुकी है।और मूर्तिकार जयदीप आप्टे की तलाश जारी है।
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