
ग्राम अंधेरी कछार में भक्ति का सैलाब: प्रभात फेरी के 2 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य कलश यात्रा का आयोजन

जिला प्रतिनिधि-सपना सोनवानी कवर्धा
बोड़ला (कबीरधाम): छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के अंतर्गत आने वाले वनांचल क्षेत्र बोड़ला ब्लॉक के ग्राम अंधेरी कछार में आज आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। गांव में पिछले दो वर्षों से निरंतर चल रही प्रभात फेरी के सफल 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ग्रामीणों द्वारा एक भव्य कलश यात्रा और धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया गया। 
भक्तिमय माहौल में गूंजा गांव
सुबह की पहली किरण के साथ ही पूरा गांव ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। प्रभात फेरी की दूसरी वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकाली। सिर पर मंगल कलश धारण किए सैकड़ों महिलाओं की टोली जब गांव की गलियों से गुजरी, तो ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा गांव भक्ति के रंग में सराबोर हो गया हो। 
2 वर्षों का अटूट संकल्प
अंधेरी कछार के ग्रामीणों ने बताया कि दो साल पहले गांव में सुख-शांति और आपसी भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रतिदिन प्रभात फेरी निकालने का संकल्प लिया गया था। मौसम चाहे कैसा भी हो—कड़कड़ाती ठंड हो, मूसलाधार बारिश हो या चिलचिलाती धूप—गांव के बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने इस नियम को टूटने नहीं दिया। आज इस निरंतरता के 730 दिन पूरे होने पर ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था। 
कलश यात्रा और विशेष पूजा-अर्चना
कलश यात्रा गांव के प्रमुख मंदिर से प्रारंभ होकर पूरे बस्ती का भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर प्रांगण पहुंची। यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रियों का स्वागत किया। इसके पश्चात मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती का आयोजन किया गया। प्रभात फेरी मंडल के सदस्यों ने इस अवसर पर भजन-कीर्तन कर माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। 
सामाजिक समरसता का संदेश
इस आयोजन में न केवल अंधेरी कछार बल्कि आसपास के ग्रामों के लोग भी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रभात फेरी ने गांव में न केवल धार्मिक जागृति पैदा की है, बल्कि लोगों के बीच आपसी प्रेम और एकता को भी मजबूती दी है। युवाओं में अपनी संस्कृति और संस्कारों के प्रति लगाव बढ़ा है। 
भंडारे के साथ समापन
कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे (प्रसाद वितरण) का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति ने उन सभी सदस्यों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने पिछले दो वर्षों से इस पुण्य कार्य को अनवरत जारी रखने में अपना सहयोग दिया है।
यह आयोजन इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि यदि सामूहिक संकल्प और सच्ची श्रद्धा हो, तो छोटे से गांव में भी बड़े धार्मिक और सामाजिक परिवर्तन लाए जा सकते हैं।
(“ग्रामीण क्षमता न्यूज” यूट्यूब पर जरूर देखिए, न्यूज रिपोर्टर सपना सोनवानी, संपर्क- 7869988756)
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