
जिला जांजगीर चांफा छत्तीसगढ़ में मनाया गया भुजरिया पर्व!

भुजरिया विसर्जन के दौरान कार्यक्रम स्थलों पर महिलाओं के सतरंगी परिधानों से इंद्रधनुषी छटा का अहसास हो रहा था। नगर व कस्बों में जगह-जगह परंपरागत मेलों का आयोजन कोरोना गाइड लाइन में बंदिश कम होने के कारण हुआ। लोगों ने मेले का लुत्फ उठाया। वहीं नाग पंचमी को बोई गईं भुजरियों का भी विसर्जन किया।
इस दिन लोग एक-दूसरे को गेहूं की भुजरिया देकर सुख-समृद्धि की शुभकामनाएं देते हैं। सावन महीने की पूर्णिमा को रक्षाबंधन मनाने के बाद अगले दिन भाद्रपद महीने की प्रतिपदा को भुजरिया पर्व मनाया जाता है. इसे कजलिया पर्व भी कहते हैं. इस साल आज 20 अगस्त 2024 को भुजरिया पर्व मनाया गया।
यह पर्व अच्छी बारिश, अच्छी फसल और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना से किया जाता है। तकरीबन एक सप्ताह में गेहूं के पौधे उग आते हैं, जिन्हें भुजरियां कहा जाता है। फिर रक्षा बंधन के दूसरे दिन महिलाओं द्वारा इनकी पूजा-अर्चना करके इन टोकरियों को जल स्त्रोतों में विसर्जित किया जाता है।
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