
काचेवाणी ग्रामसभा में गुस्से का फूटा ज्वालामुखी! बाहरी संदिग्ध लोगों पर ग्रामवासियों का रोष, बांग्लादेशी नागरिक होने का सनसनीखेज आरोप!

जिला गोंदिया,तिरोड़ा तहसील (प्रतिनिधि) 28 Oct
तिरोड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले काचेवाणी ग्राम पंचायत में मंगलवार को हुई ग्रामसभा में माहौल अचानक गर्म हो गया। ग्रामसभा देखते ही देखते रणभूमि बन गई, जब ग्रामवासियों ने एक सुर में “बाहरी घुसपैठियों को गांव से बाहर निकालो!” का नारा लगाया। 
ग्रामवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में वन विभाग की आरक्षित जमीन पर कुछ बाहरी लोग अनाधिकृत रूप से कब्जा कर रहे हैं। पहले उन्होंने झोपड़ियाँ बनाई, फिर देखते-देखते मस्जिद जैसे स्थायी निर्माण खड़े कर दिए! ग्रामीणों का आरोप है कि इन लोगों के पास ना कोई कागजात हैं, ना परवाना, लेकिन आलीशान मकान जरूर खड़े हैं! 
ग्रामवासियों का कहना है कि कुछ साल पहले ऐसे बाहरी लोगों की संख्या मुश्किल से 20 थी, लेकिन अब ढाई सौ से भी ज्यादा हो गई है।
“आज एक घर बना, कल मस्जिद बनेगी, और परसों पूरी बस्ती खड़ी हो जाएगी! — हमारा गांव धीरे-धीरे कब्जे में जा रहा है!” ऐसा कहकर ग्रामसभा में नागरिकों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। 
ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी राजनीतिक नेता वोट बैंक बढ़ाने के लालच में इन लोगों को पाठबळ (पाठ) और सुरक्षा दे रहे हैं। “क्या सत्ता के लिए अब गांव बेच दिया जाएगा?” — सभा में यह सवाल गूंज उठा।
ग्रामस्थों की तक्रार पर जिलाधिकारी, तहसीलदार, पंचायत समिति और वन विभाग ने गंभीरता से संज्ञान लिया और ग्राम पंचायत को विशेष ग्रामसभा बुलाने का आदेश दिया। 
सभा में हजारों नागरिक उपस्थित रहे। मतदान प्रक्रिया में 500 नागरिकों ने बाहरी लोगों को हटाने के पक्ष में मत दिया, जबकि मात्र 61 लोगों ने रहने देने का मत दिया। बहुमत से ठराव पारित हुआ और सभा स्थल “गांव हमारा, हक हमारा!” के नारों से गूंज उठा।
ग्राम के युवकों ने आरोप लगाया कि इन बाहरी लोगों की वजह से गांव में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है, युवाओं को झूठे झमेले में फंसाया जा रहा है, और गांव में डर व असुरक्षा का माहौल बन गया है।
“हमारे बच्चों का भविष्य खतरे में है, हमारी इज्जत खतरे में है,” ऐसा ग्रामसभा में एकजुट होकर नागरिकों ने कहा।
अब नजर प्रशासन पर है — ग्राम पंचायत ने सर्वसम्मति से ठराव पारित कर प्रशासन से मांग की है कि इन संदिग्ध लोगों की नागरिकता की जांच की जाए और तुरंत कार्रवाई की जाए।
ग्रामवासियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी —
👉 “अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो हम सड़कों पर उतरेंगे, आंदोलन करेंगे!”
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