
बालाघाट जिले के वारासिवनी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत चंंगेरा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर ( आयुष )में वृद्धावस्था स्वास्थ्य शिविर का किया गया आयोजन

बालाघाट ₹न्यूज रिपोर्टर-आशीष नेवारे)- राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत प्रदेश के समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 5 सितंबर को वृद्धावस्था स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। आयुष विभाग अंतर्गत संचालित प्रदेश के समस्त 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक यह शिविर आयोजित किए गए हैं। 
राष्ट्रीय आयुष मिशन के जरिए आयुष मंत्रालय का उद्देश्य भारत के जमीनी स्तर के लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है। इन शिविरों का प्राथमिक उद्देश्य सरल नैदानिक जांच के आधार पर वरिष्ठ नागरिक के स्वास्थ्य का आकलन करना है।
प्रत्येक वरिष्ठ मरीज की प्राथमिक जांच विशेष रूप से डिजाइन किए गए स्क्रीनिंग प्रोफार्मा और रिकॉर्ड के अनुसार की जाती है। वरिष्ठ नागरिकों को मधुमेह, उच्च रक्तचाप, ब्रोन्कायल अस्थमा, ऑस्टियोआर्थराइटिस, हर्निया, प्रोस्टेट, त्वचा और दृष्टि संबंधी बीमारियों जैसी पुरानी बीमारियों के बारे में उचित सलाह मिलती है। इसमें उनके भविष्य के फॉलो-अप, देखभाल की निरंतरता के लिए प्रिस्क्रिप्शन पर्ची के अनुसार आहार संबंधी नियम भी शामिल होते हैं। इस शिविर के दौरान श्रीमति डॉ. वैशाली वाकड़े आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, श्रीमति रामकली दमाहे ( कंपाउंडर ) श्रीमति मीना हेड़ाउ ( स्वास्थ्य कार्यकर्ता ) श्री सादेव रहांगडाले ( दवा साद ) श्री देवलाल गोंडाने ( पी.टी.एस ) सभी उपस्थित रहें।
राष्ट्रीय आयुष मिशन, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के समर्थन से, पूरे देश में सुलभ और व्यापक गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आयुष प्रवेश स्तर प्रमाणन और वृद्धावस्था चिकित्सा शिविर इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
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