
मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में राजनीतिक दलों और मीडिया प्रतिनिधियों को दी गई जानकारी।

जिला प्रतिनिधि:- महेंद्र गनवीर, हट्टा बालाघाट
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसमें मध्यप्रदेश राज्य भी शामिल है। बालाघाट जिले में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए 28 अक्टूबर को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जीएस धुर्वे, विधानसभा स्तर के मास्टर ट्रेनर श्री आलोक मिश्रा भी उपस्थित थे। 
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मीना ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य में सहयोग प्रदान करे और जनता को इसके प्रति जागरूक करें, जिससे जिले की पुनरीक्षित मतदाता सूची त्रुटि रहित तैयार हो सके। सभी राजनीतिक दलों से कहा गया कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) शीघ्र नियुक्त करें।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को बताया गया कि मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण 01 जनवरी 2026 की स्थिति में किया जाएगा। 01 जनवरी 2025 की पुनरीक्षित मतदाता सूची में एवं वर्ष 2003 की मतदाता सूची में जिनके नाम शामिल है, उन्हें मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण एसआईआर के दौरान कोई दस्तावेज नही देना है। 2025 की पुनरीक्षित मतदाता सूची में शामिल ऐसे मतदाता जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में शामिल नही है, लेकिन उनके माता पिता के नाम 2003 की सूची में शामिल है तो उन्हें भी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण एसआईआर के दौरान कोई दस्तावेज नही देना है।
ऐसे मतदाता जिनके नाम 2025 की मतदाता सूची में शामिल है लेकिन 2003 की मतदाता सूची में शामिल नही है, और उनके माता पिता के नाम भी 2003 की सूची में शामिल नही है तो ऐसे लोगो को मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान केंद्रीय, राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम द्वारा जारी कर्मचारी या पेंशनर पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश, भारत में किसी सरकारी, स्थानीय निकाय, बैंक, डाकघर, एलआईसी या सार्वजनिक उपक्रम द्वारा 01 जुलाई 1987 से पूर्व जारी कोई पहचान पत्र, प्रमाण पत्र या दस्तावेज, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मेट्रिक या शैक्षणिक प्रमाण पत्र, सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी, एससी, एसटी या अन्य जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, राज्य या स्थानीय निकाय द्वारा तैयार पारिवारिक रजिस्टर या सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण मे से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
बैठक में बताया गया कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए ऐसे मतदाताओं के नाम चिन्हित कर लिये गए है, जिनके नाम 2025 और 2003 की मतदाता सूची में शामिल है और जिनके नाम 2025 की सूची में है लेकिन 2003 की सूची में नही है। यह सूची तैयार कर आयोग को भेज दी गई है। मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए 28 अक्टूबर से 03 नवम्बर तक बीएलओ एवं बीएलए के प्रशिक्षण का कार्य किया जाएगा। इसके पश्चात 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर तक घर-घर जाकर सर्वे का कार्य किया जाएगा और 09 दिसम्बर को प्रारूप मतदाता सूची का सभी मतदान केंद्रो पर प्रकाशन किया जाएगा। मतदाता सूची में नाम शामिल करने, मृत या पलायन कर चुके लोगो के नाम हटाने तथा नाम संसोधन के संबंध में दावें आपत्ति प्राप्त करने का कार्य 09 दिसम्बर से 08 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। 09 दिसम्बर से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस एवं दावों आपत्ति की सुनवाई का कार्य किया जाएगा। इसके पश्चात 07 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
बैठक में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा गया कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण मे सहयोग के लिए वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बीएलए नियुक्त करें। आवश्यक होने पर जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा बीएलए को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के श्री शफकत खान, बहुजन समाज पार्टी के दुर्गेश बिसेन, आम आदमी पार्टी के रजनीश नायडू, श्री मस्तराम डहारे, अनिल कुमार ब्रम्हे, सीपीआईएम के वायआर कुरैशी, भारतीय जनता पार्टी के श्री संजय अग्निहोत्री एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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