
अतिवृष्टि से राहत एवं पुनर्वसन के लिए 1000 करोड रुपए की तुरंत सहायता करें राज्य सरकार : इंजि राजीव ठकरेले

गोंदिया, महाराष्ट्र:-
गोंदिया जिले में 9 एवं 10 सितंबर की रात को आए मुसलधार वर्षा, बादलों के फुटने एवं अतिवृष्टि से गोंदिया जिले का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है । हजारों परिवार घर से बैघर हो गये और हजारों एकड़ खेती तबाह हो गई ऐसे परिस्थिति में नुकसान ग्रस्त परिवारों को तथा अन्नदाता किसानों के उचित राहत एवं बचाव हेतु तथा उनके पुनर्वसन के साथ अति वृष्टि तथा पानीं के बहाव से अनेकों जगह घुस खनन, रोड़ – रस्ते, पुलिया बह गये एवं बिजली के तार टुट गये, खंबे उखड़ गए साथ-साथ पूर्व ग्रस्त क्षेत्र के जन सुविधा की सरकारी संपत्तियों को भी भारी नुकसान हुआ है
उसके पुनर्निर्माण एवं रखरखाव हेतु गोंदिया जिले को 1000 करोड़ रुपए के फंड की आवश्यकता हैं। इसलिए राज्य सरकार द्वारा 1000 करोड रुपए की तुरंत सहायता गोंदिया जिले को देनी चाहिए क्योंकि पिछले जुलाई माह में जो अतिवृष्टि से नुकसान हुआ था उसका भी मुआवजा अभी तक राज्य सरकार द्वारा प्रलंबित हैं । जिससे अन्नदाता किसान पहले ही परेशान है । इसलिए जनता का विश्वास राज्य सरकार की कार्यप्रणाली और नेताओं की घोषणा से उड़ गया हैं । इसलिए राज्य सरकार को यदि जनता में अपना विश्वास बनाए रखना है तो राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार तथा देवेंद्र फडणवीस ने संयुक्त प्रेस वार्ता लेकर 1000 करोड रूपए के साहायता की यह घोषणा करनी चाहिए तथा जुलाई महीने की अतिवृष्टि का मुआवजा भी देना चाहिए । गोंदिया जिला महाराष्ट्र के आखिरी छोर का जिला होने के कारण हमेशा महाराष्ट्र सरकार की दया दृष्टि से वंचित रह जाता है और इसी कारण गोंदिया का जीवनमान का स्टार पश्चिम महाराष्ट्र जैसा नहीं हो पाया है। सरकार हमेशा गोंदिया जिले के सहित विदर्भ के साथ भेदभाव करता आया हैं इसलिए सारे भेदभाव से ऊपर उठकर गोंदिया जिले के जनजीवन को सुधारने के लिए 1000 करोड रुपए की राशि की घोषणा होनी चाहिए ऐसी मांग ओबीसी महासभा के प्रदेशाध्यक्ष, गोंदिया विधानसभा के कांग्रेस के नेता तथा कृषि उत्पन्न बाजार समिति के संचालक इंजीनियर राजीव ठकरेले ने की है और इस संबंध में एस डी ओं तथा तहसीलदार से भी चर्चा की हैं। जिन परिवारों के घरों में पानी घुस गया है उन्हें तुरंत ₹15000 की मदद देना चाहिए साथ ही जिन परिवारों के घर टूट गए हैं उनके पंचनामे कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए साथ ही किसानों के फसलों के पंचन में जल्द से जल्द होने चाहिए और जल्दबाजी में कोई भी नुकसान ग्रस्त अन्नदाता या परिवार वंचित ना रहे इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
साथ ही इंजि ठकरेले ने कहा कि नुकसान ग्रस्त परिवारों एवं अन्नदाता किसान साथियों के इस दुख की घड़ी में मेरी सद्भावना उनके साथ है एवं मैं और मेरा संघटन हमेशा उनके साथ खड़ा हैं।
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